क्या ये हनुमानजी की सच्ची तस्वीर है? | mystery behind HanumanJi photo

Mystery Behind HanumanJi Photo 



mystery behind HanumanJi photo

हनुमानजी,
जिन्हें एक चिरंजीवी कहा जाता है और वो रामायण काल से आज भी धरती लोक पर ही निवास करते है। त्रेतायुग से  कलयुग तक कई महापुरुषों और संतो हनुमान जी से भेंट होने की बात सबके सामने रखी है।जिसमें तुलसीदासजी ने ये खुद माना था कि उन्हें राम चरित्र मानस लिखने के लिए हनुमान जी ने ही प्रेरित किया था, 

लेकिन साल 1999 को पूरी दुनिया के सामने आई हनुमान जी की एक येसी तस्वीर जो असली बताई जा रही है इस घटना के बारे में कहा जाता है की तीन दोस्त मानसरोवर की यात्रा पर निकले थे।

उनमें से एक हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त था। वो हमेशा हनुमान जी की आराधना करता था। उसे इस बात को जानने की भी जिज्ञासा थी कि आखिर हनुमान जी का असली स्वरूप क्या है? उसकी मानसरोवर यात्रा का उद्देश्य ही हनुमान जी की खोज थी। बताया जाता है कि कई दिनों की यात्रा के बाद 1 दिन वो मानसरोवर तालाब के पास पहुंची। उनमें से एक को एक इंसान जैसी आकृति  दिखी जो बड़ी ही तेजी से हिमालय के पहाड़ों की तरफ जा रही थी।

तीनों दोस्त उस आकृति का पीछा करने लगे लेकिन उस तक पहुँच नहीं पाए। उसके बाद उन्होंने पहाड़ों और गुफाओं में उस  को ढूंढना शुरू कर दिया। उन्हें लग रहा था की ये कोई साधारण इंसान नहीं था। कुछ तो शक्ति है उसमें इसीलिए वो जगह जगह उन्हें ढूंढ रहे थे। तक उस खोज में हनुमान भक्त को एक गुफा से आती हुई तेज रौशनी दिखाई देती है। वो रौशनी का पीछा करते हुए उस गुफा में पहुंच जाता है। और एक लड़के ने तुरंत ही अपना कैमरा निकाला।

और एक फोटो खींच ली। बताया जाता है की फोटो खींचने के बाद ही लड़के के प्राण उसके शरीर से निकल गए। हालांकि इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के लिए भी यह मौत रहस्यमय थी। इसके बाद उसके दोस्तों ने  रोल निकलवाया और उसकी फोटो बनवाई, जिसमें हनुमान जी की एक तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर में वो ग्रंथ पढ़ते हुए दिख रहे हैं। ये ग्रंथ कोई और नहीं बल्कि रामायण है।

आज इस घटना को हुए लगभग 25 साल हो गए हैं और इस तस्वीर को हम हर मंदिर हर जगह पर देख सकते हैं। हर हनुमान भक्त के पास ये तस्वीर जरूर से होती ही है, कुछ लोग इसे सच्ची तस्वीर कहते हैं तो कुछ लोग इसे एक झूठी और बनावटी तस्वीर मानते हैं। लेकिन अगर हम इसका पूरी तरह से अध्ययन करें तो हम कुछ जानकारी जरूर जुटा सकते हैं। इस कहानी में भी ये बताया गया है

की एक दोस्त जो हनुमान जी का सबसे बड़ा भक्त था वहीं उस गुफा में गया था और उसके दो दोस्त वहाँ पर हनुमान जी को देख नहीं पाए। उन्हें ये तक पता नहीं था की अपने उस दोस्त की मौत किस वजह से हुई है। लेकिन यह पूरी तरह सच भी तो नहीं हो सकता।

और दूसरी तरफ क्या आपको लगता है कि हनुमान जी की तस्वीर लेने के कारण ही उसकी मृत्यु हुई होगी? अगर हम इतिहास को देखें तो हनुमान जी ने हर भक्त की रक्षा की है। जिसमे सबसे बड़ा उदारहण महाभारत है जब हनुमान जी ने अर्जुन के रथ का ध्वज बनकर उन्हें बचाती रही थी। क्या वो किसी भक्त की मृत्यु अपनी आँखों के सामने होने दे सकती है? अगर हम इस तस्वीर को और ध्यान से देखें तो हम देखेंगे हनुमान जी की इस तस्वीर के नीचे।

कुछ टाइल्स लगी हुई दिख रही है जबकि हनुमान जी के पीछे भी लगी हुई हम उन टाइल्स को देख सकते हैं।
क्या आपको ये किसी मंदिर की तस्वीर नहीं लगती? क्या किसी गुफा में इस तरह की आधुनिक टाइल्स लगी हो सकती है? अगर गुफा में ऐसी टाइल्स लगी हो भी सकती है तो क्या हनुमानजी ऐसी बनावटी जगह पर रहना पसंद करेंगे या प्रकृति की गोद में रहकर उसका आनंद लेते हुए दिखाई देंगे? कुछ ही समय पहले दक्षिण भारत के एक मंदिर की तस्वीरें बहुत ज्यादा प्रचलित होना शुरू हो गई। ये बिल्कुल वैसी ही प्रतिमा है।

जैसी उस तस्वीर में दिख रही है। इस मंदिर में लगी टाइल्स हम बिलकुल उस तस्वीर की टाइल्स की जैसी ही है और समय के साथ साथ वहाँ पर नयी नयी चीज़े बनाई जा रही है। लेकिन अगर हम अपने वेदों और पुराणों का अध्ययन करें तो हम ये जरूर जान सकते है की हनुमानजी भले ही धरती लोक पर निवास करते हैं।

लेकिन वो भौतिक शरीर से धरती पर निवास नहीं करते। उनके पास ऐसी शक्ति है की वो अपने शरीर का रंग, रूप और आकार बदल सकती है। वो तीनों लोग का भ्रमण कुछ ही क्षण में कर सकते हैं और किसी मनुष्य का उनको देखना उतना ही मुश्किल है जितना पूरे ब्रह्मांड का सफर हम इंसानों के लिए एक क्षण में करना हो। मित्रों, मैं आपके विचार भी जानना चाहूंगा

धन्यवाद ||

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