महाभारत के सबूत - हिंदी
महाभारत के सबूत - हिंदी
जिसे हम हिंदू देखके पढ़के बढ़े हुए हैं और आज इस बात को हम दिल से मानते हैं कि महाभारत सच में हुआ था। वहीं दूसरी तरफ पूरी दुनिया इस बात को मानने से इनकार करती थी। उनका मानना था कि महाभारत बस एक काल्पनिक कहानी है जिसे हिंदुस्तान के लोग सच मानकर बैठे हुए हैं। लेकिन उन्हें क्या पता हिंदुस्तान के हर एक बच्चे के दिल में महाभारत एक सच के पहाड़ की तरह खड़ा है क्योंकि हम अपने देव देवीयों को दिल से मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। लेकिन कुछ साल पहले वैज्ञानिक के हाथों कुछ ऐसा सबूत मिला है जिससे ये बात साबित हो जाता है कि सच में महाभारत हुआ था।
1) कुरुक्षेत्र
महाभारत ग्रंथ के अनुसार, महाभारत का भयानक युद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया था। युद्ध के दौरान इतना ज्यादा खून बहा था। जीस वजह से कुरुक्षेत्र की मिट्टी आज भी लाल है। अब आप सोच रहे होंगे ऐसे लाल मिट्टी तो हिंदुस्तान के और भी कई जगह पर मौजूद है, लेकिन कुरुक्षेत्र की लाल मिट्टी बाकी मिट्टी से अलग है। कुरुक्षेत्र के कुछ इलाकों में जितना ज्यादा गड्ढा खोदा जाता है, उतना ही लाल मिट्टी निकलता है। उस मिट्टी के नीचे जब आरकोलॉजी रिसर्च कर रहे थे तब वहाँ से उन्हें तीर जैसे बहुत सारे अस्त्र मिले हैं
तथा पुरातात्विक विभाग का कहना है वो सारे अस्त्र 2500 साल से भी ज्यादा पुराना है और उन सारे अस्त्रों का साइज ए डिज़ाइन बाकी अस्त्रों से अलग है जो कि साफ-साफ ज़ाहिर करता है कि महाभारत कुरुक्षेत्र की जमीन पर ही लड़ा गया था। और ये बात मेरा नहीं वैज्ञानिक का कहना है
2) द्वारका
उसके अलावा साल 2005 से लेकर 2007 के बीच गोताखोरों के एक बहुत बड़े टीम को गुजरात के पास समुद्र के नीचे एक नगरी मिली है, जिसे देख कर तो हजारों साल पुराना लग रहा था। जब वैज्ञानिक ने वहाँ से कुछ मलबे को बाहर लाकर रिसर्च किया तो उन्हें पता चला ये शहर आज से 2500 साल पुराना है और जब गोताखोरों की टीम ने दोबारा उस नगरी की जांच की तब एक बहुत ही हैरान कर देने वाली बात सामने आयी। पुराणो में ठीक जैसे द्वारका नगरी का वर्णन किया गया है। पानी के नीचे ये नगरी हूबहू वैसा ही है।
अच्छे से रिसर्च करने के बाद पता चला की ये सच में द्वारका नगरी है। जैसे की आप सबको पता है भगवान श्री कृष्ण के देह त्याग के बाद द्वारिका नगरी पानी के नीचे चला गया था।
अगर दोस्तों,अपने श्रीमद भगवद गीता पठि है तो आपको पता होगा गीता में जीतने भी श्लोक हैं। उन सबका मतलब हम इंसानों के सोच से बाहर है। एक इंसान जहाँ तक सोच नहीं सकता गीता में वो लिखा हुआ है। ये किसी आम इंसान के द्वारा लिखना संभव नहीं। गीता का ज्ञान को सिर्फ भगवान ही बता सकते हैं। श्रीकृष्ण ने भागवत गीता का ज्ञान अर्जुन को दिया था। गीता एक ऐसा किताब है जिसमें ज्ञान असीम है इसीलिए गीता एक जीता जागता सबूत है महाभारत का। अब आखिर में उस सबूत के बारे में बताता हूँ जो आज तक का सबसे बड़ा खोज है। महाभारत का
3) चक्रव्यूह
दोस्तों, हम सभी को अभिमन्यु के मृत्यु के बारे में तो जरूर पता है तो उस चक्रव्यूह बारे मे महाभारत में कहा गया है की इस चक्रव्यूह के अंदर जाने का तो रास्ता है लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। सिर्फ और सिर्फ अर्जुन ही इस चक्रव्यूह से बाहर निकल सकता था। तो हिमाचल प्रदेश के रजौड़ गांव में जब पांडव अज्ञातवास के दौरान रुके थे
इसी समय अर्जुन एक पत्थर पे चक्रव्यूह का डिजाइन बनाया था ताकि इसे अच्छे से समझ के एक बड़ा चक्रव्यूह बना सकें। आज भी ये चक्रव्यूह इस पत्थर पर मौजूद हैं जिसे लोग आज भी यहाँ जाके देखते हैं। ये महाभारत का एक बहुत ही बड़ा सबूत है।
ये साइंटिस्टों के लिए हिंदू माइथोलॉजी का आज तक की सबसे बड़ी खोज रही है। इसके बाद तो पूरी दुनिया इस बात को मान चुकी है कि सच में महाभारत हुआ था, क्योंकि अगर भगवान श्रीकृष्ण नहीं होते तो महाभारत भी नहीं होता और द्वारिका नगरी भी नहीं होती।

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